ईरान को निशाना बनाने वाले लोग शिया हजारा समुदाय के कत्लेआम पर चुप क्यों?
कुछ दिन पहले अफगानिस्तान में हजारा समुदाय के एक तालीमी इदारे पर आतंकियों ने हमला कर दिया था जिसमे 50 से ज़्यादा बच्चे शहीद हो गए थे जिसको लेकर अब पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन किया गया है जिसमें हजारा समुदाय के विभिन्न वर्गों से संबंध रखने वाले लोगों ने हिस्सा लिया और आतंकवाद का विरोध किया , ये ज्ञात है कि अफगानिस्तान व पाकिस्तान में लगातार शिया समुदाय पर हमले हो रहे हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय संगठन इसको रोकने के लिए असरदार कदम उठाते नहीं दिख रहे हैं संयुक्त राष्ट्र को अफगानिस्तान की तालीबानी सरकार पर दबाव डालना चाहिए ताकि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो , और हजारा समुदाय पर हो रहे हमलों को नरसहार घोषित करके समुदाय की सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने चाहिए , विश्व विख्यात लोगों और मीडिया को इस मामले में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए लेकिन इनकी चुप्पी शर्मनाक है दरअसल ऐसे लोग जो ईरान में पुलिस कस्टडी में एक महिला की मृत्यु पर तो दुखी हैं जो पहले से बीमारी से ग्रसित थी , लेकिन अफगानिस्तान में हुए शिया हजारा समुदाय की छात्रों के कत्लेआम पर दुखी नहीं हैं वो एक दोगलेपन के मालिक हैं , ऐसे में शिया समुदाय को खुद ही अपनी आवाज़ बनना होगा |
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