दादी की गोद अनमोल होती है
जिनको पूर्वजों का साथ मिलता है उनको लम्बे काल का अनुभव कम समय में मिल जाता है पूर्वज, दादा दादी नाना नानी आदि रूप में हो सकते हैं भारतीय परिवारों में बालक का जीवन सामान्यत दादी की गोद में ही व्यतीत होता है जिनसे रात्रि में सोने से पहले कहानी, गीत आदि सुनने को मिलते हैं इससे बालक का दो स्तर पर विकास होता है सबसे पहला फायदा यह है कि इससे बालक की स्मरण शक्ति दृढ़ होती है दूसरा यह की भारत की नैतिकता से परिपूर्ण कहानियां बच्चे के नैतिक विकास में सहायक हैं इसके अतिरिक्त वृद्धों से जुड़ना बच्चों में वृद्धों के प्रति प्रेम उत्पन्न करता है दादी पोते/पोति का यह बंधन अत्यंत प्रेमपूर्ण सम्बन्ध के रूप में जाना जाता रहा है लेकिन आज मोबाइल के युग ने इस बंधन में खलल डाली है जिस कारण बच्चे पूर्वजों से पहले की तरह मज़बूती से नहीं जुड़ पा रहे हैं जिस कारण बच्चों के पिता भी अपने माता पिता की उपेक्षा करते दिख रहे हैं जिसका अंदाज़ा वृद्धाश्रमों में बढ़ी संख्या से लगाया जा सकता है वृद्धावस्था में मानव की उत्पादकता क्षमता कम होने लगती है ऐसे में बच्चों से जुड़ाव वृद्धों के लिये शारीरिक और मानसिक स्वास्थय ...